नई दिल्ली (ब्यूरो ) : पूरे देश में आज सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गुरु नानक देव के 553वें प्रकाशपर्व के मौके पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के गुरूद्धारों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े हैं। श्रद्धालु अमृतसर में स्वर्ण मंदिर, कपूरथला में सुल्तानपुर लोधी और हरियाणा के पंचकुला में नाडा साहिब सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर मत्था टेकने पहुंचे हैं। इसी बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के अंगरक्षक रेजिमेंटल गुरुद्वारा में गुरुपर्व पर पहले सिख गुरु, गुरु नानक देव जी को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति ने भी भक्तों के साथ लंगर में भाग भी लिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरू नानक देव जी के जन्मदिवस पर मंगलवार को देशवासियों को शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति ने अपने बधाई संदेश में कहा कि, ‘‘गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के अवसर पर देश तथा विदेश में रह रहे सभी देशवासियों और विशेष रूप से सिख भाइयों और बहनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मुर्मू ने कहा कि गुरू नानक देव जी ने ‘एक ओंकार' के संदेश में कहा कि ईश्वर एक है और सर्वव्यापक है। राष्ट्रपति ने कहा,‘‘ गुरूनानक देव जी ने हमें समाज में प्रेम, एकता और भाइचारे के साथ रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जपजी साहब में प्रेम, आस्था, सत्य, त्याग और नैतिक आचरण जैसे शाश्वत मूल्य विद्यमान हैं जिनसे हमें जीवन में सीख लेनी चाहिए । उन्होंने कहा कि ‘किरत करो, वंड छको' जैसे उपदेशों से उन्होंने (गुरूनानक देव जी) हमें ईमानदारी से जीने और मिल बांटकर सभी संसाधनों का उपभोग करने के लिये प्रेरित किया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ गुरू नानक देव जी ने यह भी संदेश दिया कि मनुष्य को विनम्र रहकर सेवाभाव से जीवन व्यतीत करना चाहिए और उनके विचारों को अपनाकर हम समाज में शांति, समानता और समृद्धि ला सकते हैं।
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