जनाब राजिंदर नाथ रहबर की पुण्य स्मृति में साहित्य सभा की ओर से श्रद्धांजलि समारोह आयोजित

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पंजाब /पठानकोट ( पंकज/ अविनाश) शिरोमणी उर्दू साहितकार् पठानकोट निवासी जनाब राजेंद्र नाथ 'रहबर' की पुण्य स्मृति में साहित्य सभा पठानकोट की ओर से प्रधान बी आर गुप्ता की अध्यक्षता में शरधाञ्जली समारोह का आयोजन भारत विकास परिषद के रेन बसेरा में किया गया जिस में प्रतिष्ठित समाज सेवी विनोद सराफ और पूर्व विधायक अशोक शर्मा विशेष तौर पर उपस्थित रहे और ज्योति जला कर कार्यकर्म का शुभारंभ किया..
 इस अवसर पर मंच संचालन करते हुए बांका बहादुर अरोड़ा ने  कि सदा बहार गायक जगजीत सिंह जी ने जनाब रहबर साहेब की नज़्म " तेरे खुशबु में बसे खत मैं जलाता कैसे " और ग़ज़ल "" याद आऊंगा" को अपनी मखमली आवाज़ में गाकर अमर कर दिया है जबकि हम सब को फखर है कि जनाब रहबर साहेब पठानकोट निवासी थे.. प्रधान श्री गुप्ता ने सभी का अभिवादन करते हुए कहा कि उनका एक लम्बा सफ़र इस दरवेश शायर के साथ रहा और वो जहाँ एक बाकमाल शायर थे वही सादा, सच्चे और साफ़ दिल इंसान भी थे और हमारी साहित्य सभा के सरप्रसत् थे.. इस अवसर पर श्री विनोद सराफ और श्री अशोक शर्मा ने जनाब रहबर साहेब के साथ व्यतीत किये अपने अनुभवों को साँझा करते हुए कहा कि उन्हों ने शायरी के इस हुनर को बहुत सारे लोगोँ भी सिखाया जिनकी एक लंबी लिस्ट है.. उन्होंने कहा कि इस शरधाञ्जली समारोह का आयोजन कर साहित्य सभा ने  एक सराहनीय कार्य किया है और आशा करते हैं कि यह सिलसिला आगे भी चलता रहेगा.. इस अवसर पर एक उम्दा कलाकार सतीश वशिष्ठ ने अपनी सुरीली आवाज़ में सरस्वती वंदना और रहबर साहेब की अमर नज़्म "तेरे खुशबु में बसे खत" सुना कर खूब वाह वाह लूटी.. इस अवसर पर सभा के महासचिव डॉ सुखविंदर सिंह ने कहा कि हमारी सभा ने एक बेहतरीन मार्गदर्शक सरप्रसत् खो दिया है.. इस अवसर पर नरेश दीनानगरी,, संतोष महाजन, विमल छाबड़ा ने भी अपने विचार रखे.. इस अवसर पर सभी सदस्यों ने 2 मिंट का मौन धारण कर जनाब रहबर साहेब को शरधाञ्जली दी और उनकी आत्मा की शांति की कामना की.. अंत में भारत विकास परिषद के अध्यक्ष सुनील चोपड़ा ने सभी का धन्यवाद किया.. इस अवसर पर कमल पंत,, सुरिंदर महाजन, रोहित कुमार, सैली बलजीत, तिलक राज शर्मा, डॉ धर्म पाल शर्मा, वीरेन शर्मा, ठाकुर जोगिंदर सिंह,, सुनील महाजन, केवल कृष्ण, तीर्थ राम शर्मा, रवि कुमार आदि उपस्थित थे...

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