भगवान श्री राम जी का व्यक्तित्व एक तेजोमय प्रकाश स्तंभ के समान :साध्वी सौम्या भारती जी

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बटाला:-(अविनाश शर्मा, राज अमृत सिंह ):- दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के द्वारा कम्युनिटी हाल खजूरी गेट के पास पांच दिवसीय श्रीराम कथामृत में श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सौम्या भारती जी ने 'कथा प्रसंग' का व्याख्यान करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में श्री राम कथा का विशिष्ट स्थान है अतः अनादि काल से मनीषियों, कवियों, महाकवियों ने इसे अपनी वाणी का विषय बना कर धन्य किया है। भगवान श्री राम जी का व्यक्तित्व एक तेजोमय प्रकाश स्तंभ के समान है। मानव जीवन को सुख, शांति व समृद्धि का आधार बनाने हेतु जिन शाश्वत मूल्यों की आवश्यकता है भगवान श्रीराम उसके समष्टिगत रूप में हमारे समक्ष आते हैं। उनका मर्यादित जीवन हमारे गन्तव्य को सुगम व सरस बनाता है। भगवान राम जी जो चराचर में व्याप्त हैं यही कारण है कि उनकी महिमा में अनेकों ग्रंथों की रचना हुई जिनमें भावार्थ रामायण, भुशुण्डिरामायण, वशिष्ठ रामायण न केवल इतना वरन भारत की कई प्रादेशिक भाषाओं में जैसे रंगानाथ रामायण तेलुगु भाषा में कृतवास रामायण बंगाली भाषा में इत्यादि। श्री राम कथा का वर्णन न केवल प्रादेशिक भाषाओं में विदेशी भाषाओं में जिनमें रूस, फ्रांस, जर्मनी, चीन व इंडोनेशिया इत्यादि है।
 सुश्री भारती जी ने प्रभु के अवतरण के संबंध में बताते हुए कहा कि प्रभु श्री राम जग पालक व सृष्टि के नियामक तत्व है, जो साकार रूप धारण कर अयोध्या में अवतरित होते हैं। निराकार परमात्मा धर्म की स्थापना के लिए साकार रूप धारण करता है। वह प्रत्येक मानव को उसके घट भीतर ही अपने निराकार रूप का साक्षात्कार करवा देते हैं। प्रभु श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ। साध्वी जी ने बताया कि अयोध्या हमारे मानव तन का प्रतीक है जिसमें राम रूपी ईश्वर का वास है व जिसने प्रभु का दर्शन संभव है। क्योंकि ईश्वर का अपने अंतःकरण में दर्शन किए बिना मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि माता कौशल्या ने अपने घट में ही प्रभु के चतुर्भुज रूप में दर्शन किए हैं। साध्वी जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से कहा कि आप भी अपने भीतर ऐसा अनुभव एक सतगुरु की कृपा से कर सकते हैं। 
कथा में बहुत से गणमान्य सज्जन श्री बलविंदर सिंह लाडी एक्स एमएलए बीजेपी लीडर,श्री राजेश मरवाहा, श्री बुद्धिश अग्रवाल,श्री अरुण अग्रवाल,श्री रजत सरीन, डॉक्टर संजीव भल्ला,श्री रमन नैयर,श्री सुरेंद्र बंसल, श्री विबन अग्रवाल, श्री रमेश अग्रवाल प्रधान बजरंग दल, श्री पंकज सरीन, श्री मुकेश वर्मा, सरदार जसवीर सिंह, समरा श्री बलदेव सूरी, स्वामी  रंजीतानंद जी,साध्वी शंकर प्रीता भारती जी उपस्थित थे
इस भव्य श्री राम कथा आयोजन में संस्थान की ओर से अन्य साध्वियां भी अपने वाद्य वृंद समूह के साथ विशेष रूप में पधारी हैं। जिनके द्वारा प्रभु श्री राम की इस कथा को श्री रामचरितमानस की सुमधुर चौपाइयां के गायन और समस्त धार्मिक ग्रंथों के समन्वय से प्रस्तुत किया जा रहा है। और कथा की समाप्ति प्रभु की पावन आरती के साथ की गई।

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