प्रधानमंत्री मोदी ने की थी वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत
बटाला (अविनाश शर्मा, संजीव नैयर)
लोकसभा क्षेत्र गुरदासपुर के वरिष्ठ नेता एवं हिमालय परिवार संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमजीत सिंह गिल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वीर बाल दिवस छोटे साहिबजादों की शहीदी को याद करने वाला दिन है।
गिल ने कहा कि 2022 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व वाले दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 26 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी की शहादत को 'वीर बाल दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। जिसकी शुरुयात
पिछले साल कर्तव्य पथ पर 3000 बच्चों ने एक साथ मार्च निकाल कर की गई थी।
गिल ने कहा कि इस बार इस दिवस को मनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है और इस बार काफी बड़े लेवल पर छोटे साहिबजादों का शहीदी दिवस केंद्र सरकार मनाने जा रही है।
गिल ने बताया के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पहले श्री करतारपुर साहिब के संगत को दर्शन करवाने के लिए पाकिस्तान का रास्ता खोला, 1984 के सिख दंगों के दोषियों को सजा दिलवाने की कोशिश की और उन्होंने श्री गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादा की महान शहादत को राष्ट्रीय स्तर पर मनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ऐलान किया कि प्रत्येक वर्ष छोटे साहबजादे की शहादत को स्मरण करने के लिए वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाए ताकि प्रत्येक देशवासी को गुरु जी के मानवता को और देश की संस्कृति को बचाने के लिए दिए गए योगदान को याद किया जा सके।
गिल ने कहां के पहले किसी भी सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया था जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी के अगुवाई में सरकार आई है इस सरकार ने सिखों के साथ भाईचारा बढ़ाने के प्रयास किए हैं और कई ऐसे काम के जो पहले किसी भी सरकार द्वारा नहीं किए गए थे।
गिल ने कहा के 26 दिसंबर को प्रत्येक देशवासी छोटे साहिबजादो की शहादत को नमन करते हुए अपने आसपास के किसी भी गुरुद्वारे में जाकर उनको श्रद्धा सुमन जरूर भेट करें ।
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