14 फरवरी को बलिदान दिवस के रूप में मनाए भारतीय- प्रिंसिपल विशाल*
प्यार का कोई एक दिन थोड़ी होता है प्यार तो हर दिन होता है-- संजीव महाजन*
पठानकोट ( ब्यूरो ) : 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले सीआरपीएफ के वाहनों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ जिसमें 44 भारतीय सुरक्षा कर्मियों की जान गई थी यह हमला जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुआ! सीआरपीएफ के शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए व्यापार मंडल मामून द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सरपरस्त करनैलचंद, अध्यक्ष संजीव महाजन, पीआरओ मनजीत गिल की अध्यक्षता में मामून बाजार स्थित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री विशाल शर्मा प्रिंसिपल सर्व हितकारी विद्या मंदिर स्कूल मामून उपस्थित हुए।
सरपरस्त करनैल चंद ने पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 2019 को वैलेंटाइन डे वाले दिन ही हमारे 44 सुरक्षाकर्मी देश के लिए शहीद हुए थे लेकिन देश के युवा इस बात से अभिज्ञ है देश की सुरक्षा गौरव और हित के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना उन्हें याद रखना हमारा परम कर्तव्य है।
अध्यक्ष संजीव महाजन ने कहा कि आज 14 फरवरी बसंत पंचमी का पर्व है बहुत कम व्यक्तियों को देश धर्म पर बलिदान देने वाले एक कोमल बालक वीर हकीकत राय जी के संदर्भ में जानकारी है कि धर्माध, इस्लामी अत्याचारी शासको ने इस्लाम को अपनाने से इनकार कर देने के बाद बालक हकीकत राय की निर्मम हत्या कर दी थी आज देश के महान सपूत का बलिदान दिवस है उस यशस्वी अमर बलिदानी को स्मरण करके संसार को भी स्मरण करवाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि यह हास्यप्रद है कि हमारे देश के भी कई लोग विशेषकर युवा पश्चिमी सभ्यता का अंधा अनुसरण करते हुए प्यार को एक दिन तक ही सीमित रख रहे हैं प्यार का कोई एक दिन थोड़ी होता है प्यार तो हर रोज होता है इसी प्रकार मदर्स डे, फादर्स डे, पेरेंट्स डे भी पश्चिमी सभ्यता में स्टीक बैठते हैं यहां पर घर के बड़े बुजुर्ग साथ नहीं होते, ज्यादातर स्त्री पुरुषों के अनेकोबार विवाह और संबंध विच्छेद के कारण बच्चों को अपने जैविक माता-पिता की जानकारी नहीं रहती और भी ऐसे अनेकों कारण जिस कारण हर रिश्ते के लिए एक दिन सुनिश्चित करके उसे मनाया जाता है लेकिन हम भारतीय भी उनका अनुसरण करें यह हमारे लिए कोई गर्व का विषय कभी नहीं हो सकता अपितू शर्म की बात है।
मुख्य अतिथि प्रिंसिपल विशाल शर्मा ने कहा कि हमें अपने जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए यह वह जवान है जो सिर्फ जीते जी ही नहीं बल्कि शहीद होकर भी अपना देश प्रेम निभा जाते हैं इसलिए हम सभी को विशेष कर युवाओं को अपने देश के शहीदों को उनके शहीदी दिवस पर अवश्य याद करना चाहिए और 14 फरवरी को हम सभी भारतीय मिलकर बलिदान दिवस के रूप में मनाए।
इस अवसर पर वरिष्ट उपाध्यक्ष राकेश धीमान, नरेश गुलाटी, हरीश चंदेल, युवराज सिंह, पीआरओ मनजीत गिल, लाडी शर्मा, डॉक्टर अमर सिंह, कमल रामपाल, मुल्ख राज इत्यादि उपस्थित थे।
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