जिस गुरु का शिष्य गुरु ना बन पाए वह गुरु अधूरा :-श्री श्री सुदर्शन जी।

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जिस गुरु का शिष्य गुरु ना बन पाए वह गुरु अधूरा :-श्री श्री सुदर्शन जी
 वरिष्ठ सदस्य चाचा वेद प्रकाश ने नगर निवासियों को निशुल्क फॉलोअप में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ लेने का किया निवेदन।

आर्ट ऑफ हैपिएस्ट लिविंग  टीम पठानकोट ने केक काटकर व सैली रोड पर स्वच्छता अभियान चलाकर गुरुजी का मनाया जन्म दिवस।
 2011में वर्कशॉप से मिली एनर्जी को सामाजिक कार्यों में लगाने के लिए गुरु जी ने किया प्रेरित ----संजीव महाजन।

पठानकोट (ब्यूरो) : श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र, "आर्ट ऑफ हैपिएस्ट लिविंग" टीम पठानकोट द्वारा आज विशेष कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय आयोजक एवं प्रवक्ता संजीव महाजन फॉलोअप विशेषज्ञ छिंद्रपाल, गगन सैनी और वरिष्ठ सदस्य अजय नैयर की संयुक्त अध्यक्षता में गुरकरतार फार्म,सैली रोड में किया गया।
 जिसमें पठानकोट टीम के वरिष्ठ सदस्य चाचा वेद प्रकाश एवं एसडीओ एसएल गुप्ता विशेष रूप से शामिल हुए। आसन प्राणायाम ध्यान उपरांत ठीक 5:00 बजे श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र के संस्थापक मास्टर्ज़ मास्टर ऑफ यूनिवर्स श्री श्री सुदर्शन जी के जन्म दिवस के शुभ अवसर पठानकोट में वरिष्ठ सदस्य पंडित चंद्र मोहन शर्मा ने साधको को विधिवत पूजा अर्चना करवाई और इसके उपरांत कंजक पूजन किया गया।
 पठानकोट टीम के वरिष्ठ सदस्य चाचा वेद प्रकाश द्वारा इस शुभ अवसर पर केक काटकर प्रसन्नता प्रकट की गई ।
     प्रवक्ता संजीव महाजन ने बताया कि आज का दिन हमारे लिए हर्षित और उल्लास भरा है कि आज हमारे प्रिय गुरुजी जोकि अध्यात्मिक पुंज, एक महान सोच वाला, फिलॉस्फर, मोटिवेशनल गुरु, श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र के संस्थापक और चमत्कारी आदियुग के रचनाकार, मास्टर्ज़ मास्टर ऑफ द यूनिवर्स श्री श्री सुदर्शन जी का आज जन्म दिवस है। उनका जन्म 28 जून को पंजाब के जालंधर शहर में हुआ। उनका शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा। 23 वर्ष की आयु में इनका विवाह श्री माताजी के साथ हुआ और इनके घर दो पुत्रों का जन्म हुआ। 1997 में श्री श्री रविशंकर जी इनकी जिंदगी में आए और उनका संपूर्ण जीवन अध्यात्म की ओर मुड़ गया। गुरुजी 1998 में मोन समाधि में चले गए। इनकी समाज के प्रति समर्पण और सेवा भावना ने 2002 में श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र की स्थापना की।  दिसंबर 2011 में गुरु जी ने कलयुग के सॉफ्टवेयर को अपने अध्यात्मिक ज्ञान, अनुभव और नए विचारो से "चमत्कारी आदियुग" की रचना करके संपूर्ण विश्व को एक नई दिशा दी। गुरु जी जो कि संसार में लाखों लोगों के मार्गदर्शक हैं। गुरु जी की प्रेरणा है कि संसार का दूसरा नाम परमात्मा है जब तुम संसार के लिए कुछ करते हो तो तुम परमात्मा के लिए ही वह काम करते हो ।। उनका कहना है कि कुदरत का नियम है जब तुम्हारे कारण कोई सुखी होगा तो तुम्हें उसका फल मिलेगा और अगर तुम्हारे कारण कोई दुखी होगा चाहे जाने या अनजाने में तब भी उसका फल तुम ही को मिलेगा उसके लिए दलील अपील का कोई काम नहीं। गुरुजी ने कहा कि जिस गुरु का शिष्य गुरु ना बन पाए वह गुरु अधूरा और मैंने अपने गुरु के जिंदा रहते हुए गुरु बनकर गुरु को पूर्ण गुरु का दर्जा दिया है।
        प्रवक्ता संजीव महाजन ने कहा कि 2011 में गुरु जी के सानिध्य में सात दिवसीय वर्कशॉप के बाद उनकी प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से वह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं और असंख्य समाज सेवा के कार्यों से जुड़े हैं उन्होंने कहा कि केंद्र लोगों को योग और ध्यान के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न शहरों में सात दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन करता है और यह आयोजन असंख्य लोगों के जीवन को बदलने में बहुत सफल रहे हैं।
          उपस्थित साधकों ने गुरु जी के जन्म दिवस के उपलक्ष में उनके दर्शाए मार्ग पर चलते हुए सैली रोड पर स्वच्छता अभियान चलाया जिसके अंतर्गत सड़कों के आसपास उग आई झाड़ियों और कांग्रेस बूटी को साफ किया और सड़कों पर झाड़ू लगाकर कचरा इकट्ठा करके उसका निस्तारण किया। चाचा वेद प्रकाश ने  निशुल्क फॉलोअप में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने का नगर निवासियों से निवेदन किया।
     इस अवसर पर मीडिया एडवाइजर संजीव घई पंकज शर्मा, नीतू ,राकेश मेहता, रचना, राजीव शर्मा, अनुग्रह सिंह, तरसेम शर्मा, सुखदेव, गंगाराम, पर्व, रमन, इशिता, रोजी गुप्ता, गगन सैनी, वंदना महाजन, रजनी, विजय लक्ष्मी,दीपाली गुप्ता, सौरभ, आरब, करण, दीपक आनंद, शशि पाल ,गंगाराम,भारती गुप्ता, नीतू ,अजय नैयर, पुनीत महाजन, तरसेम शर्मा, अंजू शर्मा आदि उपस्थित थे।।

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