सैंकड़ों ने नम आंखों से किया परमवीर चक्र विजेता के बलिदान को नमन
पठानकोट 5 दिसम्बर ( अविनाश शर्मा, पंकज ): स्वतंत्र भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया का 61वां श्रद्धांजलि समारोह प्रिंसीपल बलविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में शहीद के नाम पर बने सरकारी सी.सै.स्मार्ट स्कूल गांव जंगल में आयोजित किया गया। जिसमें कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए।
इनके अलावा शहीद की भाभी अवधेश कुमारी, भतीजे सूबेदार कर्ण सिंह, महेश्वर सिंह,भूपिंदर सिंह व राजेश्वर सिंह , शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष कर्नल सागर सिंह सलारिया, महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, कर्नल संजय पठानिया, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर व पी.सी.टी ह्यूमैनिटी दुबई के फाउंडर जोगिंदर सलारिया, डी.ई.ओ सैकेंडरी राजेश कुमार, डिप्टी डी.ई.ओ ठाकुर राजेश्वर सलारिया, डिप्टी डी.ई.ओ एलिमेंटरी डी.जी सिंह, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पठानकोट के चेयरमैन ठाकुर मनोहर सिंह, डी.एस.पी सुमीर सिंह मान, समाज सेवक इंद्रजीत सिंह बाजवा, एस.डी.ओ नरेश त्रिपाठी, स्टेट आवॉर्डी लेक्चरर सिद्धार्थ चंद्र, ठाकुर भूपिंदर सिंह मुन्ना,प्रिंसिपल बलवीर सलारिया नम्बरदार, शहीद लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह अशोक चक्र के पिता कैप्टन जोगिंदर सिंह आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धासुमन भेंट किए। सर्वप्रथम शहीद की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित तथा ज्योति प्रज्जवलित करने के उपरान्त आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यातिथि कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि शहीद कैप्टन गुरबचन सलारिया जैसे रणबांकुरों के शौर्य व बलिदानों के सदके ही आज राष्ट्र की एकता व अखंडता बरकरार है, जिन्होंने दक्षिणी अफ्रीका की विदेशी धरती पर बहादुरी का परचम फहराते हुए दुश्मन के 40 विद्रोहियों को मार कर जिस शूरवीरता का इतिहास रचा उसकी मिसाल विश्व में बहुत कम देखने को मिलती है तथा आज भी इस क्षेत्र के युवा इस अमर योद्धा की शहादत रूपी मशाल को अपने दिल में प्रज्वलित करके भारतीय सेना में भर्ती हो कर अपने क्षेत्र के इस महान योद्धा के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस प्रांगण की बलिदानी मिट्टी को नमन करने के साथ-साथ कार्यक्रम में उपस्थित सभी शहीद परिवारों के चरणों में शीश झुकाता हूं जिन्होंने अपने घर के लाल इस देश की बलिवेदी पर कुर्बान कर शहीद परिवार कहलाने का गौरव प्राप्त किया। मंत्री कटारूचक्क ने कहा आज देशवासी आजादी की जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह आजादी कैप्टन सलारिया जैसे जांबाजों की अमानत है। इस लिए हम सब का यह फर्ज बनता है कि हम इस विरासत को अपने दिलों में संजो कर रखें यही कैप्टन सलारिया जैसे जांबाजों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने शहीदों की याद में इस तरह के श्रद्धांजलि समारोह आयोजित करने के लिए शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल में डीप बोर करवाने के लिए अपनी तरफ से जहां 4 लाख रुपए की ग्रांट देने की घोषणा की वहीं खेडां वतन पंजाब दियां में प्रथम आने वाले स्कूल छात्र साहिल कुमार व छात्रा भूमिका ठाकुर को अपनी तरफ से 51-51 सौ रुपए की राशि भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाया।शहीदों के लहू से प्रज्जवलित है आजादी की शमां - कुंवर विक्की
कुंवर रविन्द्र सिंह विक्की ने कहा कि आजादी की शमां शहीदों के लहू से प्रज्वलित है, जिसकी लौ में देशवासी चैन की नींद इस लिए ले रहे हैं, क्योंकि सरहद पर शहीद कैप्टन गुरबचन सलारिया जैसे जांबाज सैनिक मुस्तैदी के साथ डयूटी निभाते हुए दुश्मन की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहीद कभी नहीं मरता, हमेशा अमर रहता है, मगर एक शहीद की मौत तब होती है,जब देशवासी उसकी शहादत को भुला देते हैं। उन्होंने कहा शहीदों के नाम पर बने स्कूलों का रूतबा एक मन्दिर के समान होता है तथा स्कूल के प्रिंसीपल,अध्यापक खुशकिस्मत हैं जिन्हें इस स्कूल में शिक्षा देने का गौरव प्राप्त हुआ है तथा स्कूल के छात्र व अध्यापक यह संकल्प लें कि इस स्कूल की मिट्टी को नमन कर के ही स्कूल में प्रवेश करें।
शहीद कैप्टन सलारिया के आशीर्वाद से ही स्कूल कर रहा तरक्की- डी. ई.ओ
डी. ई.ओ राजेश कुमार ने कहा की शहीद कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया के नाम पर बना यह स्कूल आज हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है जिसकी वजह यह है इस अमर वीर का आशीर्वाद इस स्कूल पर बना हुआ है। इस लिए छात्रों को चाहिए इस अमर योद्धा को अपना रोल मॉडल बनाएं। प्रिंसिपल बलविन्द्र कुमार ने जहां आए हुए मेहमानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके लिए यह गर्व की बात है कि जिस विद्यालय की वह सेवा कर रहे हैं, उसका नाम एक महान शहीद के नाम पर जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर मुख्यातिथि द्वारा शहीद के परिजनों सहित 15 अन्य मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सूबेदार मेजर अवतार सैनी, लेक्चरर सुरिंदर सिंह रंधावा, कुलदीप राज, पूनम जसरोटिया, सुखदेव सिंह, अभिषेक, तम्मन्ना, रोहित कुमार, अविनाश कुमार, सुभाष सिंह, सोफिया गोरखा, संग्राम सिंह, सुनीता कुमारी, गुलशन कुमार, बेबी रानी, हिमानी पुरषोत्तम सिंह सलारिया, राजिन्द्र भंडारी आदि उपस्थित थे।
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