राष्ट्रीय हैल्थ मिशन पठानकोट यूनियन ने ठेका कर्मचारियों को रेगुलर नहीं करने पर काले बिल्ले लगाकर काम करने का निर्णय लिया.
पठानकोट (पंकज/ अविनाश):- पंजाब सरकार की ओर से कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने के कई वादे किए गए, लेकिन पंजाब सरकार स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के ठेका कर्मचारियों से बचती नजर आ रही है. कर्मचारी पिछले 15 वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत काम कर रहे हैं। जिससे तत्कालीन सरकारों ने हर बार धोखा दिया है। इस संबंध में आज कार्यालय सिविल सर्जन पठानकोट के एन.एच.एम. यूनियन नेताओं की एक अहम बैठक हुई। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पंजाब सरकार द्वारा पिछले दिन कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए की गई घोषणा को पूरा नहीं किया जा रहा है. इसलिए सभी कर्मचारियों ने आज से सरकार को याद दिलाने के लिए कार्यालयों में काला बिल्ला लगाकर कार्य किया और निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में यदि सरकार एन.एच.एम. यदि शीघ्र ही कर्मचारियों के रैगुलर की सूचना नहीं दी गई तो तीखा संघर्ष किया जाएगा और अंत में सभी काम रोककर धरना दिया जाएगा। इस मौके पर नेता दीपिका शर्मा ने कहा कि दिवाली से पहले वित्त मंत्री स. हरपाल चीमा ने कहा था कि दिवाली के तुरंत बाद कैबिनेट की पहली बैठक में एन.एच.एम. कर्मचारियों की रेगुलर के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। लेकिन सरकार द्वारा एन.एच.एम. कर्मचारियों के लिए कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसलिए सरकार हमें संघर्ष की ओर धकेल रही है। इस मौके पर पंकज कुमार, जतिन कुमार, अमनदीप सिंह, तन्वी शर्मा, प्रिया महाजन, मीनाक्षी, पारस सैनी कंप्यूटर ऑपरेटर, हेमंत शर्मा डाटा मैनेजर, अनुराधा नागोत्रा जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर, नरेश कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर, शिव कुमार, सूचना सहायक, प्रगट सिंह, आदि कर्मचारी उपस्थित थे।
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