22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा: परमजीत सिंह गिल।

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लोग अपने प्रभु श्री राम के खुले दर्शन कर सकेंगे 

 बटाला (अविनाश शर्मा, संजीव नैयर)लोकसभा क्षेत्र गुरदासपुर के वरिष्ठ नेता एवं हिमालय परिवार संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमजीत सिंह गिल ने कहा कि 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाने वाला है।

 गिल ने कहा कि जब मुगल आक्रमणकारियों ने भारत पर आक्रमण किया और मंदिरों को लूटा और देशवासियों पर कई अत्याचार किए, उस समय अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर बने मंदिर को बाबर के सेनापति और सैनिकों ने ध्वस्त कर दिया था और उस स्थान पर एक मस्जिद का निर्माण किया गया था। जिसके बाद सदियों की लंबी लड़ाई श्रीराम भक्तों, साधु-संतों और संपूर्ण सनातन धर्म को मानने वालों ने लड़ी।

 गिल ने कहा कि भले ही अयोध्या में श्री राम मंदिर का नव निर्माण पूरा हो चुका है और 22 जनवरी को भगवान श्री राम लला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, लेकिन इन सबका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है क्योंकि श्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपने नौ वर्षों में अयोध्या में श्री राम चंद्र का मंदिर बनाने के लिए अथक प्रयास किए हैं।

 गिल ने कहा कि इस अवसर पर हजारों सनातन प्रेमियों, साधु-संतों और ऐसे ही अन्य प्रयासों और संघर्ष करने वालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जिनके बलिदान, कड़ी मेहनत, जुनून, समर्पण और तपस्या ने आज सनातन धर्म को दर्शन के लिए फिर से उनका तीर्थ स्थल मिल गया।

गिल ने कहा कि अब जब पूरी दुनिया आम लोगों के लिए श्री राम मंदिर के खुलने का इंतजार कर रही है और अब इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं, तो केवल तीन दिन बचे हैं जब श्री राम भगत और करोड़ों सनातनी प्रेमी, साधु-संत अयोध्या की पवित्र भूमि पर जाकर अपने प्रभु श्री राम चंद्रजी के खुले दर्शन कर सकेंगे।

 गिल ने एक बार फिर देश के सभी लोगों और सनातन धर्म और श्री राम में आस्था रखने वाले और विदेशों में बैठे श्री राम के प्रति आस्था रखने वाले लोगों से अपील की है कि वे 22 जनवरी को अपने घरों और क्षेत्रों में राम कथा का आयोजन करें और दीपमाला करें। इस दिन को बड़े उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाना चाहिए ताकि दूर बैठा हर राम भक्त इतिहास के पन्नों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सके।

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