बटाला डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (NIAID) के अनुसार लगभग 13.4 करोड़ भारतीय क्रोनिक साइनसाइटिस से पीड़ित हैं.साइनस आंखों के बीच में माथे, नाक और गाल की हड्डियों के पीछे की तरफ होते हैं. इनमें एक पतला तरल यानी बलगम (Mucus) जमा होता है, जो नाक के जरिए प्रवेश करने वाले कीटाणुओं, धूल, प्रदूषण तत्वों और एलर्जी पैदा करने वाली चीजों को फंसा लेता है और उन्हें शरीर में प्रवेश करने से रोक देता है. स्वस्थ साइनस में हवा भरी रहती है. जब साइनस में तरल बनने लगता है, कीटाणुओं को बढ़ने का मौका मिलता है साइनस इंफेक्शन की समस्या हो जाती है. लगातार नाक बहना कान दर्द गले में खराश मुँह से बदबू आना थकान जीमिचलाना. बुखार होना इसके मुख्य लक्षणहैआश्चर्यजनक बात यह है कि यह आंकड़ा भारत में कुल डायबिटीज के आंकड़ों का दोगुना है.साइनस का सबसे सामान्य कारण जुकाम है, जिसकी वजह से नाक निरंतर बहती है या फिर बंद हो जाती है और सांस लेने में दिक्कत होती है। जुकाम एक प्रकार का संक्रामक होता है, जो किसी और के माध्यम से भी आपको चपेट में ले सकता है। जिन लोगों को लगातार जुकाम होता है, उन्हें साइनस होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है।बदल सकता है। इससे गम्भीर संक्रमण हो सकता है।अदरक लहसुन और प्याज का सेवन पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन हल्दी काली मिर्च टी ट्री ऑयल दालचीनी साइनस के उपचार में फायदेमंद
साइनसाइटिस के लिए शीर्ष होम्योपैथिक दवाएं जो की लक्षण के आधार पर तय की जाती है
हेपर सल्फ्यूरिस,काली क्रोमियम
मर्क्यूरियस ,सॉल्यूबिलिस,फास्फोरस पल्सेटिला ,आर्सेनिकम बेल्लाडोन्ना ,स्पिगेला *। क्या खाएं और क्या ना खाएं*म्यूकस बनाने वाले आहार जैसे कि मैदे की चीजें, अण्डे, चॉकलेट्स, तले और प्रोसेस्ड आहार, शक्कर और डेरी उत्पाद, कैफीन, गन्ने का रस, दही, चावल, केला, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, तीखा खाने से बचें भाप लेना ह्यूमिडिफ़ायर का उपयोग करें नेति क्रिया भी हो सकती है मददगार
हल्दी को मुंह में लेने से परागज ज्वर के लक्षण जैसे छींक आना, खुजली, नाक बहना और बंद होना कम हो जाता
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