पठानकोट/जुगियाल, 14 फरवरी(ब्यूरो)
निर्माणाधीन बैराज बांध के पीछे बनने वाली झील में 14 फरवरी की रात्रि को पानी भरने का काम शुरू होना था। लेकिन, बैराज बांध पर कुछ निर्माण कार्य शेष रहने और बनने वाली झील में लगी हुई मशीनरी को हटाने के लिए कुछ समय लगने के कारण अब 21 फरवरी से झील में पानी भरने का कार्य शुरू होगा। यह जानकारी डैम प्रशासन के चीफ इंजीनियर सरदार शेर सिंह ने दी।
इसके साथ ही, पूरी स्थिति की जानकारी लेने के लिए जिलाधीश आदित्य उप्पल आईएएस ने सुबह निर्माणाधीन बैराज बांध का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पर बांध अधिकारियों, जिनमें एक्सीयन हैडक्वार्टर लखविंद्र सिंह, एक्सीयन संदेश राज, एक्सीयन नितिन सूद, एसडीओ पवन प्रीत सिंह, एसडीओ जितेंद्र कुमार, एसडीओ धीरज पटियाल व अन्य अधिकारियों से बैठक करके पूरी जानकारी हासिल की।
डैमज प्रशासन के चीफ इंजीनियर सरदार शेर सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार के आदेश अनुसार पहले रणजीत सागर बांध परियोजना से एक माह तक बिजली उत्पादन व सिंचाई के लिए पानी को रोकने के 14 फरवरी तक आदेश जारी हुए थे। लेकिन, कुछेक कारणों से कुछ कार्य शेष रहने से जल स्त्रोत विभाग ने 21 फरवरी तक पानी को रोकने के लिए नए आदेश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि 21 फरवरी को रात को पानी को छोड़कर बैराज बांध के सेल्यूस बैल्वों को चैक करके बनने वाली झील में पानी को भरने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह कार्य 25 फरवरी तक रूक-रूक कर किया जाएगा। इन पांच दिनों में सेल्यूस बैल्वों की चेकिंग हो जाएगा और 25 फरवरी से लगातार बिजली उत्पादन व सिंचाई के लिए पानी को छोड़ने के लिए व्यवस्था कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि पहले स्टैप में बनने वाली झील में लगभग आठ मीटर तक पानी को भरा जाएगा। इसके साथ ही माधोपुर व जम्मू कश्मीर के लिए भी सिंचाई के लिए पानी को छोड़ने का कार्य किया जाएगा।
जिलाधीश आदित्य उप्पल आईएएस ने बांध अधिकारियों से पूरी जानकारी ले कर उनको कहा कि पानी छोड़ने से पहले पूरी तरह पूरे क्षेत्र में सावधानी का प्रयोग किया जाए ताकि कोई नुकसान न हो सके।
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