बटाला (अविनाश शर्मा, संजीव नैयर ) अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डायटिशियन चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड ने बताया कि क्या कभी आपने सोचा है कि हर रोज टनों के हिसाब से चिकन की डिमांड पूरी करने वाला लाखों ब्रॉयलर मुर्गा कहां से आता है और कैसे तैयार किया जाता है. ब्रॉयलर मुर्गा दाना खाकर 30 से 35 दिन में सवा से डेढ़ किलो तक का हो जाता है. जबकि तंदूरी चिकन के मतलब का ब्रॉयलर 24 से 25 दिन में ही तैयार हो जाता है. बहुत सारे पोल्ट्री फार्म वाले 3 से 3.5 किलो तक का मुर्गा तैयार कर लेते हैं।बोनलेस में ऐसा चिकन खूब सप्लाई होता है।यह बच्चों को उम्र से पहले ही जवान कर देगा। बच्चों में हार्मोन असंतुलन बढ़ता जाता है। लड़कियों में पीरियड्स की समस्या हो जाती है मुंह पर अनचाहे बालों की समस्या भी हो जाती है ।इसमें न्यूट्रिशन की मात्रा न के बराबर होती है। ब्रॉयलर चिकन में फैट (Fat), प्रोटीन, कार्ब्स, कैलोरी की मात्रा देसी चिकन के मुकाबले बहुत ज्यादा होती है।ब्रायलर का वजन बढ़ाने के लिए हानिकारक रसायन एंटीबायोटिक और वृद्धि हार्मोन के साथ इंजेक्शन दिया जाता है, जिसकी वजह से इनका सेवन करने पर शरीर पर काफी गहरा असर पड़ता है। इससे मोटापा, पुरुष प्रजनन समस्या, महिलाओं में जल्दी योवन इत्यादि की समस्या पैदा हो सकती है। बीमारी को रोकने और तेजी से विकास पाने के लिए ब्रायलर को एंटीबायोटिक दवा के इंजेक्शन दिए जाते हैं। चिकन खाने से तीन एंटीबायोटिक इंजेक्शन लेने के बराबर होता है ब्रायलर चिकन में मौजूद रसायन पुरुषों में स्पर्म काउंट को नष्ट कर देते हैं जिसकी वजह से पुरुष नपुंसक बन जाते हैं। इस लिए इसका सेवन करने से बचें।।डॉ अर्चिता महाजन सुबह 10:00 बजे से लेकर 12:00 बजे तक सेवा भारती कपूरी गेट और दोपहर बाद 3 से 5 बजे तक सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर (सरप्रस्ती अधीन श्री भगत कुणाल जी महाराज)हंसली पुल बटाला मैं सेवा के लिए हाजिर होती है
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