कोशिश कर हल निकलेगा, आज नहीं तो कल निकलेगा- विक्रम महाजन।
वाटिका में पहुंचे विक्रम महाजन हुए भावुक।
रोजाना अपडेट, पंकज
पठानकोट : पठानकोट नगर के शाहपुर चौक स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ व संस्कार की अलख द्वारा भारतीय सत्य सनातन संस्कृति व वैदिक धर्म को पुनर्जीवित व प्रचार हेतु विभिन्न स्कूलों कॉलेजों के विद्यार्थियों और युवाओं पर वैदिक संस्कार वाटिका पिछले कई वर्षों से प्रचार कार्य कर रही है ताकि यह भारतवर्ष पुण: विश्व गुरु बन सके। आज वहां पर हुए विशेष कार्यक्रम में पठानकोट के समाजसेवक सीनियर डिप्टी मेयर व ओजस्वी प्रवक्ता विक्रम महाजन ने वैदिक संस्कार वाटिका के विद्यार्थियों को अपना उद्बोधन व आशीर्वाद प्रदान किया।
विक्रम महाजन ने बच्चों को उद्बोधन में कविता के माध्यम से बताया कि हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर परिश्रम एवं कोशिश करते रहना चाहिए! "कोशिश कर हल निकलेगा, आज नहीं तो कल निकलेगा" । "अर्जुन के तीर सा सद् , मरुस्थल से भी जल निकलेगा" आज नहीं तो कल निकलेगा! "मेहनत कर पौधों को पानी दे, बंजर जमीन से भी फल निकलेगा" कोशिश कर हल निकलेगा! "जिंदा रख दिल में उम्मीदों को, जहर के समुद्र से भी गंगाजल निकलेगा" कोशिश कर हल निकलेगा!! उन्होंने यज्ञ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मेरे पूजनीय माता जी भी रोज हवन करते थे फलस्वरूप मै यहां तक पहुंचा हूं और यहां आकर उनकी मुझे यादें भावुक कर रही हैं।
गुजरात से आए वैदिक प्रवक्ता आचार्य योगेश ने अपने मधुर वाणी से उपस्थित सदस्यों को बताया कि जीवन में कैसे सही तरीके से जिया जाए! अच्छे व्यक्ति का पता संस्कारों से चलता है और जिसको जन्म से अच्छे संस्कार दिए जाएं वही आगे चलकर समाज का विकास कर सकता है।
इस अवसर पर वैदिक संस्कार वाटिका के संचालक मंडल के वरिष्ठ संस्थापक सदस्य अशोक जी, सुनील शास्त्री, राजकुमार अग्निहोत्री, पंकज तुली, अभय कुमार, डॉ सुधीर गुप्ता, संजीव गुप्ता, शिव अरोड़ा, विनय महाजन, रविंद्र अग्रवाल, प्रशांत मित्तल, रमेश नेव, कुलदीप मित्तल इत्यादि उपस्थित थे।
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