श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र को मिला विशाल धर्म सभा का निमंत्रण तथा सहभागिता का निवेदन।

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 श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र को मिला विशाल धर्म सभा का निमंत्रण तथा सहभागिता का निवेदन।



     पीठ परिषद का आयोजन में करेगे सहयोग।


     देश धर्म संस्कृति के उत्थान के लिए जगतगुरु के मार्गदर्शन की हरपल आवश्यकता-- संजीव महाजन।



     पठानकोट:    शारीरिक मानसिक आत्मिक रूप से मनुष्य को सुदृढ़ करने के लिए "श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र" 'आर्ट ऑफ़ हैपिएस्ट लिविंग' पठानकोट वॉलिंटियर्स द्वारा फॉलोअप विशेषज्ञ संजीव तूर की अध्यक्षता में रोजाना फॉलोअप का आयोजन गुरकरतार फार्म, सैली रोड में सुबह 4:30 से 5:30 बजे तक किया जा रहा है जिसमें साधकों को आसन प्राणायाम ध्यान का अभ्यास लगातार करवाया जाता है! आज के विशेष फॉलोअप में स्थानीय आयोजन एवं प्रवक्ता संजीव महाजन और वरिष्ठ सदस्य अजय नैयर भी उपस्थित रहे।

        फॉलोअप उपरांत बैठक में पठानकोट नगर में हो रहे विशाल धर्म सभा के मुख्य आयोजक प्रसिद्ध अधिवक्ता चंद्र प्रकाश जंडियाल तथा पीठ परिषद के अध्यक्ष संजय आनंद श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र को इस विशाल धर्म सभा का निमंत्रण देने के लिए उपस्थित हुए। मुख्य आयोजक चंद्र प्रकाश जंडियाल ने बताया कि आदि शंकराचार्य जयंती के उपलक्ष में विशाल धर्म सभा का आयोजन 12 मई, दिन रविवार, गुरकरतार फार्म, सैली रोड में सायः 5:00 बजे से 8:00 तक किया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता जगतगुरु शंकराचार्य पुरी पीठ स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाभाग करेंगे।

         उन्होंने बताया कि सनातन धर्म के ऊपर मंडराते हुए काले बादलों को अपने तेज, ओज और प्रचंड ज्ञान विज्ञान द्वारा दूर कर धर्मध्वजा लहराने वाले आदि शंकराचार्य महाराज जी ने देवभूमि भारतवर्ष की धार्मिक व सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से चार दिशाओं में चार मठों की स्थापना की। इसी क्रम में पूर्व दिशा में पुरुषोत्तम क्षेत्र पुरी में गोवर्धन मठ की स्थापना की! वर्तमान के पुरी मठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाभाग इस पवित्र दायित्व का अत्यंत सक्रियता से निर्वाह कर रहे हैं स्वामी जी ने विश्व कल्याण व राष्ट्र प्रेम की भावना से भावित होकर तीन केंद्र बिंदुओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया। व्यास पीठ और शासन तंत्र का शोध एवं विलुप्त और विकृत ज्ञान विज्ञान को पुणः संपूर्ण शुद्धता के साथ उद्भाषित करना इन्हीं प्रमुख लक्षयो को साधने के लिए पूज्य पाद ने पीठ परिषद आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी की स्थापना की।

       स्वामी जी गौ रक्षार्थ सम्मेलन में भाग लेने के कारण कई दिनों तक  सत्याग्रहियों के साथ तिहाड़ जेल में बंद रहे! महाराज श्री ने श्री राम सेतु रक्षा की भावना से तीर्थ राज प्रयाग और दिल्ली से प्रचंड क्रांति को जन्म दिया इस संदर्भ में उन्होंने श्रीलंका की सरकार और संयुक्त राष्ट्र संघ से भी संपर्क साधा। हिंदुओं की प्रमुख मान बिंदुओं में एक मां गंगा की रक्षा के लिए पूज्यपाद ने गंगा बचाव संगोष्ठी काशी में आयोजित की जिसमें सात प्रांतो के प्रतिनिधि शामिल हुए! संगोष्ठी का निष्कर्ष यह निकला कि केंद्र सरकार द्वारा गंगा को राष्ट्रीय नदी बनाने की घोषणा कर दी गई। पुरी जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्वार की जब बात उठी तब तत्कालीन बीजू पटनायक सरकार ने पूज्यपाद की सलाह को मानकर विधानसभा में श्वेत पत्र जारी किया। उड़ीसा के पूर्व मुख्यमंत्री जानकी बल्लभ पटनायक के शासनकाल में उड़ीसा के ब्रह्मवर्धा में विशाल मुसलमान सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें हजारों गोवंश को लाकर भोजन के लिए कटवाने की योजना थी इसकी सूचना मिलते ही पूज्यपाद ने घोषणा की अगर ब्रह्मवर्धा में मुस्लिम सम्मेलन होगा तो एक भी गाए नहीं कटेगी और सभी लोग शाकाहारी भोजन करेंगे सरकार झुकी और पूज्यपाद का आदेश मान लिया गया सभी गोवंश को आसपास के गांवो में बांट दिया गया! शाकाहारी भोजन से सम्मेलन संपन्न हुआ। बौद्धों के मान्य गुरु दलाई लामा ने लाखों हिंदुओं को दिल्ली में बौद्ध बनाने का कार्यक्रम रखा इस सूचना को सुनते ही पूज्यपाद धर्मशाला पहुंचे और पत्रकार वार्ता में दलाई लामा को सलाह दी कि आप भारत में अतिथि हैं अंतः अतिथि बनकर रहने से ही मान सम्मान मिलेगा हिंदुओं का भाग्य विधाता बनने की कोशिश मत करें इसके बाद दलाई लामा ने धर्म परिवर्तन का कार्यक्रम बंद करने का वचन दिया। 

          पूज्यपाद गत दो वर्षों से लोगों में वैचारिक क्रांति लाने के उद्देश्य से भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में वेद विहींन विज्ञान, विकास के नाम पर विनाश मुखी बनता जा रहा है। अतः हम सभी का यह परमदायित्व और सौभाग्य है कि अपने जीवन को सार्थक बनाने हेतु भारत में शोषण विनिमुक्त, पक्षपात विहीन, सर्वहितप्रद, धर्म नियंत्रित शासन तंत्र की प्रतिष्ठा तथा व्यासपीठ और शासनतंत्र में आमूलचूल शोधन के महाराज श्री के विचारों को सुनने के लिए अवश्य पहुंचे।

     एडवोकेट चंद्र प्रकाश जंडियाल ने श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र पठानकोट वालंटियर टीम को इस कार्यक्रम के आयोजन में सहभागी बनने के लिए निवेदन किया जिसे पठानकोट टीम ने सहर्ष स्वीकार करते हुए सहमति प्रदान की। इस अवसर पर सरबजीत तूर, ज्योति, विदुषी, विभा,आरव, इशिता शर्मा, अंजू शर्मा, अर्चना संभ्याल, नीतू ,नमिता, अनु शर्मा, मोनिका ,रोजी गुप्ता, भारती गुप्ता, सुमेधा, शालू ,विजयलक्ष्मी, दीपाली, शिखा महाजन, रिचा पाठक, डॉ वंदना, मीना कुमारी, पलक, यशपाल, संजीव कुमार, राहुल वर्मा, गुरविंदर गोल्डी, राजीव महाजन, दीपक आनंद,रमेश चंद्र, राकेश मेहता, शशि पाल, सूबेदार सुरेंद्र पाल, सुंदर, गगन सैनी, पंकज शर्मा, तरसेम शर्मा, पंडित चंद्र मोहन शर्मा, रमेश चंद्र , गौरव महाजन, अशोक इत्यादि उपस्थित थे।

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