भारतीय प्रवासी गुरजीत सिंह साब ने अपने गांव बुलेवाल को बदलने के लिए 75 लाख रुपए खर्च किए

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 गांव बुलेवाल की खूबसूरती देखकर किसी विकसित शहर की सबसे खूबसूरत कॉलोनी का भ्रम हो जाता है

 गुरदासपुर, 22 नवंबर (अविनाश शर्मा, राज अमृत सिंह) -  जिला गुरदासपुर के बुलेवाल गांव की खूबसूरती देखते ही बनती है।  इस गांव को देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी विकसित शहर की सबसे खूबसूरत कॉलोनी हो।  गांव की इस सूरत बदलने के पीछे बुलेवाल गांव के भारतीय प्रवासी गुरजीत सिंह साब बुलेवालिया का योगदान है और उन्होंने गांव की सूरत बदलने के लिए करीब 75 लाख रुपए खर्च किए हैं।

 गांव बुलेवाल निवासी नरिंदर सिंह रंधावा और मनजीत कौर रंधावा का बेटा गुरजीत सिंह साब   लंबे समय तक विकसित देश नार्वे में जाकर साहब तो बन गया है पर आपने गांव के लिए कुछ करने के लिए मन में बहुत चाहत थी ।.

 वर्ष 2014 में, भारतीय प्रवासी गुरजीत सिंह साब बुलेवालिया ने अपने गाँव की सूरत बदलने का बीड़ा उठाया और ग्रामीणों की मदद से गाँव में विकास कार्य शुरू किया।  सबसे पहले गांव की सड़कों के किनारे से लगे गोबर को हटाया गया और लगभग 2000 फलदार और छायादार पेड़ आम क्षेत्रों और सड़कों के किनारे लगाए गए।  गांव के खेल के मैदान की सूरत को बदला गया।  बच्चों के खेलने के लिए अच्छे पार्क बनवाए गए और उनमें झूले लगाए गए।  ग्राम शहीद नवजीत सिंह की स्मृति में एक सुंदर पार्क भी बनाया गया है।  ग्रामीणों के बैठने के लिए गांव के विभिन्न स्थानों पर करीब 65 कुर्सियां ​​व छाते लगाए गए थे।  गांव की डिस्पेंसरी का सौंदर्यीकरण किया गया है और गांव में तीन बस स्टॉप बनाए गए हैं।  गांव के कोने-कोने में साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं। साहब बुल्ले वाल ने कहा है कि वह अपने गांव बुलेवाल के विकास के लिए यत्नशील रहेंगे। गांव के लोगों ने अपने गांव 
  की नुहार बदलने से बहुत खुश हैं।

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