मोदी की योजनाबद्ध नीति के कारण भारत विश्व में अग्रणी बनकर उभरा
सूर्य का अध्ययन करने वाला भारत का पहला अंतरिक्ष-आधारित मिशन है 'आदित्य'
बटाला (अविनाश शर्मा,, संजीव नैयर)लोकसभा क्षेत्र गुरदासपुर के वरिष्ठ नेता एवं हिमालय परिवार संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमजीत सिंह गिल ने कहा कि इसरो के वैज्ञानिकों ने इतिहास रचकर देश को गौरवान्वित किया है।
गिल ने कहा कि सूर्य का अध्ययन करने के लिए देश का पहला अंतरिक्ष-आधारित मिशन आदित्य एल वन के पास एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया गया है, जहां से आदित्य सूर्य की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे और सारी जानकारी प्रदान करेंगे।
गिल ने कहा कि 400 करोड़ रुपये की इस परियोजना से न केवल हमारे देश के वैज्ञानिकों को आदित्य से सुरज का अध्ययन करने में मदद मिलेगी, बल्कि सौर तूफानों के बारे में भी जानकारी मिलेगी, जिससे भारत के हजारों उपग्रह भी सुरक्षित रहेंगे।
गिल ने कहा कि आदित्य सौर तूफ़ानों के आगमन और उनके पृथ्वी और वायुमंडल पर पड़ने वाले प्रभाव का भी अध्ययन करेंगे। इसके अलावा यह सूर्य से निकलने वाली किरणों और गर्म हवाओं के अलावा सौर वातावरण को समझने की कोशिश करेगा, जिससे भविष्य में भारत के वैज्ञानिकों के द्वारा पूरी दुनिया को काफी फायदा होगा।
गिल ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए प्रयास बेहद सराहनीय हैं और इसरो के वैज्ञानिकों ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि भारत अब पहले जैसा देश नहीं रहा, अब वह जमीन से लेकर आसमान तक हर तरह की ऊंचाइयों को छूने में सक्षम है और भारत भविष्य की चुनौतियों से निपटने में भी पूरी तरह सक्षम है।
उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की दूरदर्शिता और योजनाबद्ध प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भारत विश्व का नेतृत्व करता नजर आ रहा है।
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