हाई यूरिक एसिड किडनी को नुकसान पहुंचाता है डॉ अर्चिता महाजन
बटाला अविनाश शर्मा
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार एवं पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि आमतौर पर हम लोग तब तक अपना यूरिक एसिड चेक ही नहीं करते जब तक हाई ना हो जाए। जब इसके लक्षण प्रकट होते हैं तब तक यह अपनी ऊंचाई तक पहुंच चुका होता है।हाई यूरिक एसिड का मतलब है शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाना. यूरिक एसिड, शरीर में पाया जाने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है. जब शरीर प्यूरीन नामक रसायनों को तोड़ता है, तो यूरिक एसिड बनता है. किडनी, यूरिक एसिड को फ़िल्टर करके मूत्र के ज़रिए शरीर से बाहर निकाल देती है. हालांकि, अगर शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा ज़्यादा हो जाए, तो यह हाइपरयुरिसीमिया नामक स्थिति को जन्म दे सकती है. इससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों और अंगों को नुकसान होने की आशंका रहती है.
शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ स्तर किडनी के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. यूरिक एसिड के लगातार 7 mg/dL से ज़्यादा होने को हाई यूरिक एसिड लेवल माना जाता है. पुरुषों में यूरिक एसिड का सामान्य रेंज 3.4 से 7.2 mg/dL होता है, जबकि महिलाओं में यह 2.4 से 6.0 mg/dL के बीच होता है. अगर आपका यूरिक एसिड का स्तर इससे ज़्यादा है, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉ अर्चिता महाजन रोज सुबह 10 00 बजे से 12 00 बजे तक सेवा भारती सेवा धाम कपूरी गेट और दोपहर बाद 3 00 बजे से 5 00 बजे तक मंदिर श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ हंसली ब्रिज बटाला (सरपरस्ती अधीन भगत श्री कुणाल जी) क्लीनिक में सेवा में उपलब्ध है
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