कठुआ(जम्मू): कठुआ के सिडको (SICOP), हटली मोड़ स्थित औद्योगिक इकाई 'मेसर्स बी.आर. एग्रोटेक लिमिटेड' (M/s B.R. Agrotech Ltd.) में बाल श्रम की शिकायतों के आधार पर एक संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान परिसर से 18 लड़कियों सहित कुल 28 संदिग्ध बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
संयुक्त टीम की छापेमारी
प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गठित संयुक्त निरीक्षण टीम में तहसीलदार कठुआ विक्रम कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) कठुआ वरुण कुमार चौधरी, सहायक श्रम आयुक्त (ALC) कठुआ मुनीर हुसैन, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), चाइल्ड हेल्पलाइन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के अधिकारी शामिल रहे।
चिकित्सीय परीक्षण के बाद सीडब्ल्यूसी में पेशी
औद्योगिक परिसर से सुरक्षित निकाले गए सभी बच्चों को तत्काल चिकित्सीय परीक्षण के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। इसके उपरांत, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम [Juvenile Justice Act] और संबंधित श्रम कानूनों के प्रावधानों के अनुसार आगामी कानूनी कार्यवाही के लिए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC), कठुआ के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रशासन की दो टूक: श्रम कानूनों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन कठुआ ने दोहराया कि वह जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने और बच्चों के अधिकारों व कल्याण की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वह क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के पक्ष में है, लेकिन सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सरकार द्वारा निर्धारित कानूनों और नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि बाल श्रम से संबंधित किसी भी प्रावधान के उल्लंघन पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम निरंतर जारी रहेंगे।
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