कठुआ: कठुआ जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से आज जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन कमेटी (NCORD) की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) कठुआ, महिमा मदन ने की। इस दौरान जिले में प्रवर्तन, रोकथाम और पुनर्वास उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई।
विभागीय कार्यों और प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान एडीसी ने पिछली NCORD बैठकों में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन, जागरूकता अभियानों, प्रवर्तन कार्रवाइयों, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और अंतर-विभागीय समन्वय की प्रगति का जायजा लिया। विभिन्न विभागों और सब-डिवीजनों के अधिकारियों ने नशीले पदार्थों के सेवन को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों, आउटरीच गतिविधियों और शिविरों की जानकारी साझा की।
युवाओं में जागरूकता और हॉटस्पॉट्स पर निगरानी के निर्देश
निवारक उपायों पर जोर देते हुए एडीसी महिमा मदन ने स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों को स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सामुदायिक मंचों के माध्यम से छात्रों और युवाओं के बीच जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि वे:
- फील्ड निगरानी को और अधिक मजबूत करें।
- संवेदनशील स्थानों की नियमित जांच सुनिश्चित करें।
- चिह्नित नशा हॉटस्पॉट्स पर कड़ी नजर रखें।
- अवैध नार्कोटिक्स गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई करें।
काउंसलिंग और पुनर्वास तंत्र को सुदृढ़ करने पर बल
एडीसी ने नशे की चपेट में आने वाले संवेदनशील व्यक्तियों की समय पर पहचान, रेफरल और फॉलो-अप के साथ काउंसलिंग, पुनर्वास और नशा-मुक्ति सहायता को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले को नशा-मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रवर्तन, जन-जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और पुनर्वास सहायता का होना अत्यंत अनिवार्य है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में डीसी सेल्स टैक्स जोगिंदर सिंह जसरोटिया, एएसपी सुनील केसर, आरटीओ सुरिंदर पॉल शर्मा, सीईओ केवल किशोर, सीएमओ डॉ. विजय रैना सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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