लोक अदालतों का मुख्य उद्देश्य समझौते/राजीनामे के माध्यम से अदालती मामलों का फैसला करना
रोजाना अपडेट ,पंजाब
बटाला 15 दिसंबर (अविनाश शर्मा , सुनील चंगा) :- मैडम नवदीप कौर गिल, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण-सह-सीजीएम (सीनियर डिवीजन) गुरदासपुर ने जिले के लोगों से 11 फरवरी 2023 को राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेने की अपील की है। अपना मुकदमा दायर करके जल्दी और सस्ते में न्याय लें।
मैडम नवदीप कौर गिल ने लोक अदालतों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि लोक अदालतों का मुख्य उद्देश्य समझौते/राजीनामे के माध्यम से अदालती मामलों का फैसला करना है ताकि पक्षकारों का धन और समय बचने और आपसी दुश्मनी कम हो सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित गंभीर आपराधिक मामलों को छोड़कर सभी प्रकार के मामलों को लोक अदालतों में निर्णय के लिए शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा जो विवाद न्यायालय में नहीं चलता है, उस मामले को भी लोक अदालत में याचिका दायर कर राजीनामे के लिए लाया जा सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य के सभी न्यायालयों में प्रत्येक माह के अंतिम कार्य शनिवार को लोक अदालतें लगाई जाती हैं। इसके अलावा हर महीने के आखिरी शुक्रवार को लेबर कोर्ट और कंज्यूमर फोरम पीपुल्स कोर्ट लगाते हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों, पारिवारिक मामलों, मोटर दुर्घटना के मामलों आदि से संबंधित मामलों के लिए समय-समय पर विशेष लोक अदालतें और मेगा लोक अदालतें लगाई जाती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोक अदालत में मुकदमा दायर करने के इच्छुक व्यक्ति, यदि मामला न्यायालय में लंबित है, तो संबंधित न्यायालय के न्यायाधीशों से अनुरोध कर सकते हैं और यदि विवाद/मामला न्यायालय में लंबित नहीं है, तो सचिव, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण एक लिखित आवेदन के माध्यम से अनुरोध कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों की अदालतों के कई फायदे हैं. लोक अदालत में त्वरित एवं सस्ता न्याय प्राप्त होता है, इसके निर्णय को दीवानी न्यायालय की डिक्री के रूप में मान्यता प्राप्त होती है। लोक अदालतों के निर्णय के विरूद्ध कोई अपील नहीं होती तथा निर्णय आपसी सहमति एवं सहमति से होता है। लोक अदालत में निर्णय के उपरान्त प्रकरण में व्यय की गई समस्त न्यायालय फीस भी वापस कर दी जाती है, इसका निर्णय अन्तिम होता है।
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