पठानकोट के रकित महाजन ने दूसरी बार कैंसर पीडितों के लिए किये अपने बाल

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पठानकोट :  कीमोथैरेपी से कैंसर रोगियों के बाल गिर जाते हैं। सिर पर प्राकृतिक बाल देर से आते हैं हर कैंसर रोगी प्राकृतिक बालों से बनी महंगी विग नहीं खरीद सकता। ऐसे मरीजों को एक मुस्कार के लिए पठानकोट का रकित महाजन प्रयासरत है। यही वज है कि रकित ने 16 महीने अपने बाल 18इंच लंबे किए। फिर उनको कटवाकर कैंसर मरीजों के लिए महाराष्ट्र भेज दिया। रकित महाजन का कहना है कि अपने एक कैंसर पीडित जानकार की हालत और मनोदशा देखकर उन्होंने यह निर्णय लिया। फिर उन्होंने तीन वर्ष पहले इंटरनेट पर सर्च करके ऐसी संस्था का पता लगाया जो दान किये गए कुदरती बालों से विग बनाकर कैंसर रोगियों को निशुल्क देती हो। रकित ने बताया कि उन्होंने मदद चेरीटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र द्वारा चलाए गए काप विद कैसर अभियान का पता किया। संस्था के ईमेल के माध्यम से संपर्क कर नियम समझे और 1 अप्रैल को लंबे किये गए बाल भेजे। इन बालों को लंबे करने में करीब 16 महीने का समय लगा व यह 18के थे। वहीं बीएससी से स्नातक रकित महाजन ने बताया कि उसकी ओर से पिछले तीन वर्षों से इस मुहिम को पठानकोट व पटियाला में चलाया गया।


जिसमें प्रेरित होकर अभी तक 13 से अधिक लोगों ने अपने बाल दान किये है। रकित महाजन का कहना है कि उसकी ओर से इस मुहिम को लगातार जारी रखा जाएगा व लोगों को अपने बाल दान करने के लिए प्रेरित किया जाता रहेगा ताकि कैंसर पीडितों को इससे लाभ मिल सके ।



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