कठुआ: पब्लिक वर्क्स (R&B) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) अनिल कुमार सिंह ने हीरानगर सेक्टर के सीमावर्ती गांव बोबिया और गजनाल का दौरा किया। यह दौरा केंद्र सरकार के 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम फेज-II' (VVP-2) के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से किया गया।
दौरे के दौरान डिप्टी कमिश्नर राजेश शर्मा, एडीसी महिमा मदान, एसडीएम हीरानगर फूलैल सिंह, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, पीएमजीएसवाई और आर&B के कार्यकारी अभियंता, संबंधित गांवों के नोडल अधिकारी तथा जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्थानीय नागरिकों से संवाद और प्रमुख मांगें:
दौरे के समय एसीएस ने स्थानीय निवासियों और प्रमुख नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं व मांगें सुनीं। ग्रामीणों ने सीमा के नजदीक स्थित कृषि भूमि पर सुचारु खेती और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लिफ्ट इरिगेशन (उद्वहन सिंचाई) सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से रखी।
सड़क निर्माण की DPR के निर्देश:
स्थानीय लोगों द्वारा मन्यारी से भलासां-दा-खू तक सड़क निर्माण की मांग उठाए जाने पर एसीएस अनिल कुमार सिंह ने पीडब्ल्यूडी हीरानगर को दो सप्ताह के भीतर इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे आगे की कार्रवाई समय पर शुरू की जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चिन्हित सभी विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे।
VVP-2 के तहत 6 गांव शामिल:
इससे पहले डिप्टी कमिश्नर कठुआ राजेश शर्मा ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम फेज-II के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने जानकारी दी कि हीरानगर और मरहीन ब्लॉक के कुल 6 गांवों को इस कार्यक्रम के दूसरे चरण में शामिल किया गया है।
इस अवसर पर संबंधित नोडल अधिकारियों द्वारा बोबिया और गजनाल के 'विलेज डेवलपमेंट प्लान' प्रस्तुत किए गए, जिनमें ग्रामीण विकास, जल शक्ति, लोक निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बिजली सहित प्रमुख क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों का पूरा विवरण शामिल था।
एसीएस अनिल कुमार सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों की विभागीय जांच कराकर उचित कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों के समक्ष रखा जाएगा।
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