जम्मू :- गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), जम्मू ने एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करते हुए इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) 2026 रैंकिंग में भारत के 823 मेडिकल कॉलेजों के बीच 105वां स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के सम्मान में संस्थान को प्रतिष्ठित "आईआईआरएफ 2026 ट्रॉफी" प्रदान की गई है। यह सम्मान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और स्वास्थ्य सेवा वितरण में संस्थान के बढ़ते प्रभाव और गुणवत्ता को प्रमाणित करता है।
उत्तरी क्षेत्र में 33वां और जम्मू-कश्मीर में दूसरा स्थान
आईआईआरएफ 2026 रैंकिंग में जीएमसी जम्मू ने समग्र रूप से 1,000 में से 804.25 का भारित सूचकांक स्कोर प्राप्त किया है। राष्ट्रीय स्तर पर 105वें स्थान के साथ ही संस्थान ने जम्मू और कश्मीर में दूसरा तथा पूरे उत्तरी क्षेत्र में 33वां स्थान हासिल कर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है।
संस्थान ने विभिन्न निर्धारित मापदंडों पर संतुलित और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- नवोन्मेषी चिकित्सा अवसंरचना: 138.58 अंक
- अनुसंधान परिणाम: 134.45 अंक
- सामाजिक समावेशन: 135.00 अंक
- शिक्षण, अधिगम संसाधन और शिक्षाशास्त्र: 133.50 अंक
- भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण: 129.00 अंक
- बाह्य धारणा: 125.00 अंक
डेटा संकलन और समन्वय में समिति की अहम भूमिका
संस्थान की इस सफलता में संकाय सदस्यों और कर्मचारियों का सामूहिक योगदान रहा। पैथोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. सिंधु शर्मा के नेतृत्व वाली समिति ने विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने, आवश्यक संस्थागत जानकारी को संकलित व सत्यापित करने और आईआईआरएफ पोर्टल पर डेटा प्रस्तुत करने का कार्य पूरा किया। इस समिति में डॉ. भावना लंगर, डॉ. सपना गुप्ता, डॉ. सोनिया जंडियाल, डॉ. भारती ठाकर और डॉ. पल्लवी महाजन शामिल रहीं।
संस्थान के लिए गर्व का क्षण: प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता
इस उपलब्धि पर जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल और डीन डॉ. आशुतोष गुप्ता ने गर्व व्यक्त करते हुए संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, छात्रों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को बधाई दी।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि आईआईआरएफ 2026 ट्रॉफी मिलना पूरे संस्थान के लिए गौरव का क्षण है, जो टीम वर्क और साझा प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीएमसी जम्मू चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुसंधान का विस्तार करने, रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक चिकित्सा अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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