बटाला 6 दिसंबर ( अविनाश शर्मा, सुनील चंगा) कम्युनिटी हाल खजूरी गेट के पास पांच दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से श्री आशुतोष महाराज की शिष्या मानस मर्मज्ञा महामनस्विनी साध्वी सुश्री सौम्या भारती जी ने अपनी मधुर वाणी में व्याख्यान देते हुए कहा कि सुंदर काण्ड जिसमें एक भक्त के भक्ति मार्ग पर किए जा रहे संघर्ष की चरम सीमा को भक्त हनुमान के माध्यम से प्रतिपादित किया गया है। सुश्री सौम्या भारती जी ने बताया कि इंसान का जीवन नदी की तरह है। एक नदी जिसे पता है कि मुझे सागर में मिलना है अपने अंदर इस उमंग को लिए आगे बढ़ती जाती है। उसके मार्ग में चट्टाने आती है, पत्थर आते हैं, अनेकों रुकावटें आती है पर नदी उनकी परवाह न करती हुई इन्हें तोड़ती हुई आगे बढ़ जाती है। इसी प्रकार की बाधाओं को पार किया भक्त हनुमान जी ने। जब वे माता सीता की खोज में लंका के लिए प्रस्थान करते हैं।
साध्वी जी ने बताया कि हनुमानजी मैनाक पर्वत, सुरसा और सिंहिका जैसी बाधाओं को पार करते हुए लंका में प्रवेश करते हैं। जो बाहर से देखने पर सुंदर प्रतीत होती है पर भीतर पापाचार, अनाचार हो रहा है। प्रत्येक मानव की यही स्थिति है। बाहर से व्यक्ति अपने शरीर को सजा संवार कर रखता है पर अपनी आत्मा का कल्याण नहीं करता तो उसका शरीर लंका की भांति ही है। यदि अंतः करण में मैल कपट बुराईयॉं है तो व्यक्ति कभी भी शांतमय जीवन यापन नहीं कर सकता। इसलिए आज संसार में बाहर से संतुष्ट दिखने वाले लोग हैं पर वो जानते हैं कि अंदर द्वंद ही चल रहा है। यही कुछ आज हनुमान जी देख रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा यदि आप आत्म कल्याण करवाना चाहते हैं, भीतर की बुराइयों को, पापाचार को समाप्त करना चाहते हैं। तो एक पूर्ण गुरु की शरण में जाना होगा। जो आपके भीतर ईश्वर का दर्शन करवा दे। इसके अतिरिक्त साध्वी जी ने कहा कि जब श्री राम राज्य सिंहासन पर बैठे तो उनके राज्य में चारों और प्रगति सुख शांति व भाईचारा था। लेकिन आज के दौर में इसका अभाव नजर आ रहा है। जिसके कारण हमारे समाज की तस्वीर दिन प्रतिदिन धूमिल होती जा रही है और अगर हम सभी फिर से रामराज्य के सपने को साकार करना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरत है राम के प्रक्ट होने की जो कहीं बाहर नहीं हमारे भीतर होगा।
कथा में कुछ गणमान्य अतिथि सरदार परविंदर सिंह गिल (डिस्टिक प्रेसिडेंट बीजेपी),सरदार जगरूप सिंह सेखवा ( डिस्टिक प्रेसिडेंट आप) ,सरदार लखविंदर सिंह पूरबा ( नायब तहसीलदार )श्री राकेश भाटिया ( प्रेसिडेंट बीजेपी बटाला),श्री पंकज शर्मा (बीजेपी मंडल प्रधान बटाला), श्री इंदर सेखरी, श्री राजीव अग्रवाल, श्री अशोक अग्रवाल,श्री राजीव डोगरा, श्री शशि भूषण वर्मा,श्री भूषण बजाज, श्री नरेश लुथरा,श्री संजीव अग्रवाल, श्री अरुण अग्रवाल,श्री रजत सारीन, स्वामी रंजीतानंद जी, साध्वी शंकरप्रीता भारती जी उपस्थित हुए।
प्रत्येक दिन की भांति कथा के अंतिम दिवस में भी भारी संख्या में श्रद्धालुगणों ने आकर कथा का पान किया व ब्रह्मज्ञान के संदेश को प्राप्त कर जीवन के श्रेय मार्ग को पाया।
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